Business Idea: गेहूं की खेती को छोड़ो इस पेड़ की खेती से बनेंगे लखपति!

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Business Idea: जैसे कि हम सभी जानते हैं भारत के अधिकांश भागों में हमें बहुत ही अधिक किस देखने को मिलते हैं जीने गेहूं एवं मक्का का खेती करने में कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है क्योंकि इन दोनों फसलों के द्वारा किसान को बहुत ही कम मुनाफा होती है। जिसके वजह से उनके मन में यह एक बार विचार जरूर आता है कि कोई ऐसा फसल उपजाया जाए या फिर किसी विशेष पौधे की खेती की जाए जिससे अच्छा मुनाफा देखने को मिले अगर आप भी उनमें से एक है तो आज हम आप सभी के लिए कैसे विशेष औषधि पौधों की खेती के बारे में जानकारी लेकर आए हैं जिसे आप करेंगे तो महीने का आप लाखों रुपए बहुत ही आसानी से कमा पाएंगे।

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आज हम आप सभी को जिस पेड़ की खेती के बारे में बताने वाले हैं वह अर्जुन का पेड़ है जिसे वैज्ञानिक नाम के अनुसार टर्मिन लिया अर्जुन के नाम से भी पुकारा जाता है या फिर बात के कई सारे क्षेत्र में देखने को मिलने वाली एक आधुनिक प्रकार का पेड़ उपलब्ध है जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के चिकित्सा एवं उपयोगिता के लिए किया जाता है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में औषधि गुण पाए जाते हैं जो कि कई सारी बीमारियों को दूर करने मे काम आता है।

इस पेड़ की छाल कई सारी बीमारियों को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है छाल से बनी पुल्टिस को बुखार एवं कई सारे और भी बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए उपयोग किया जाता है। जो की औषधि के रूप में कार्य करती है इसके साथ-साथ इस पौधे का उपयोग खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित बनाए रखने में उपयोग किया जाता है जो की हार्ड से संबंधित शिकायतों के लिए काफी असरदार मानी जाती है आप चाहे तो इस पेड़ की लकड़ी से बेहतरीन फर्नीचर का काम करवा सकते है जो की घरों को सजाने के लिए बेहतरीन आकर्षण दिखाएगी। 

जैसा कि देखा जाता है अक्सर पेड़ को तैयार होने के लिए लगभग 15 से 16 वर्षों का समय लगता है इसके साथ-साथ पर कई प्रकार के गुण को इन 15 सालों में उत्पन्न करती है अगर बात की जाए अर्जुन के पेड़ की लंबाई के बारे में तो या 12 मीटर तक लंबा देखने को मिलता है।

साथ ही मोटा है 59 मीटर तक देखने को मिलती है जो की एक भारी भरकम फिर बंद करो भरता है इस पर की छाल भारतीय बाजारों में हजारों रुपए प्रति केजी किधर से देखने को मिलती है क्योंकि इसके छालों में कई प्रकार के वनस्पति औषधि एवं औद्योगिक गुण पाए जाते हैं।

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